भगवान शिव ने केदारनाथ में बैल रूप क्यों धारण किया? पूरा रहस्य
🕉️ भगवान शिव ने केदारनाथ में बैल रूप क्यों धारण किया? (पौराणिक कथा, रहस्य और आध्यात्मिक अर्थ) ✨ भूमिका (Introduction) केदारनाथ मंदिर हिमालय की गोद में स्थित भगवान शिव का एक अत्यंत पवित्र ज्योतिर्लिंग है। यह स्थान केवल एक तीर्थ नहीं, बल्कि जीवन, मृत्यु और मोक्ष के रहस्यों का संगम माना जाता है। केदारनाथ से जुड़ा सबसे रहस्यमय प्रश्न यह है कि भगवान शिव ने यहाँ बैल (नंदी) का रूप क्यों धारण किया? इस प्रश्न का उत्तर हमें महाभारत काल की एक गूढ़ और भावनात्मक कथा में मिलता है। 📜 महाभारत के बाद पांडवों का पापबोध महाभारत युद्ध समाप्त होने के बाद पांडवों को अपार दुःख और पश्चाताप ने घेर लिया। युद्ध में अपने ही कुल का विनाश असंख्य निर्दोष लोगों की मृत्यु गुरु, बंधु और परिजनों का संहार इन सबके कारण पांडवों को लगा कि वे भारी पाप के भागी बन चुके हैं। उन्होंने निर्णय लिया कि केवल भगवान शिव ही उन्हें इस पाप से मुक्त कर सकते हैं। 🔱 शिव की खोज में पांडव पांडव भगवान शिव की तलाश में: काशी प्रयाग बद्रीनाथ और अंततः केदार क्षेत्र पहुँचे लेकिन भगवान शिव उनसे प्रसन्न नहीं थे । शिव नहीं चाहते थे कि पांडव केव...